खुशखबरी अमेरिका की एक लैब में करोना वॉयरस कि वैक्सीन तैयार करोना का द एंड इस खबर को अपने दोस्तों रिश्तेदारों तक पहुंचाओ|

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coronavirus vaccine Pitt Go Vacc ready
coronavirus vaccine Pitt Go Vacc ready

जी हाँ आपने सही पढ़ा अमेरिका की एक लैब में करोना वॉयरस जैसी भयंकर महामारी का वैक्सीन तैयार हो चुका है| अब अमेरिकी वैज्ञानिकों का 100% दाबा है कि पूरी दुनियां से अब करोना वॉयरस खत्म हो जायेगा| यह करोना वॉयरस कि दवा अमेरिका के पीट्सबर्ग स्कूल ऑफ मेडिसन में तैयार हुई है| इन वैज्ञानिकों ने करोना वॉयरस के तेजी से फैलने का तोड़ निकाल लिया है अब पूरी दुनियां में थोड़ी राहत की साँस आएगी|

जी हाँ अमेरिकी वैज्ञानिकों के हाथ करोना वॉयरस का फॉर्मूला लग चूका है करोना वॉयरस से उत्पन होने वाला स्पाइक प्रोटीन जिससे यह दूसरे लोगों में फैलता है इसके लिए वैक्सीन वैज्ञानिकों ने सर्च कर लिया है| इस प्रोटीन के ब्लॉक होने से करोना का संक्रमण रुक जायेगा|

आइये विस्तार से जानते हैं कि करोना वॉयरस कोविड 19 को ख़त्म करने के पीछे कहाँ कैसे क्या रिसर्च हुई|

1.अमेरिका के पीट्सबर्ग स्कूल ऑफ मेडिसन में तैयार हुई है यह करोना वॉयरस 2003 में आई सार्स बीमारी का हिस्सा है जिसके ऊपर अमेरिकी वैज्ञानिक कई सालों से रिसर्च कर रहे थे और अब इसमें सफलता हासिल हुई|

  1. लगातार पिछले 2 महीनों से वैज्ञानिक करोना वॉयरस पर रिसर्च कर रहे थे|
  2. वैज्ञानिकों को करोना वॉयरस जैसी महामारी का तोड़ सार्स और मेरस जैसी बीमारी के वॉयरस की स्टडी के दौरान मिली मदद|
  3. करोना वॉयरस महामारी की इस मिली वैक्सीन का नाम वैज्ञानिकों ने Pitt Go Vacc दिया है|
  4. सबसे पहले इस वैक्सीन को वैज्ञानिकों ने पिछले दो हप्तों से चूहों पर ट्रायल किया|
  5. चूहों को पहले करोना वॉयरस के दायरे में लाया गया और फिर इन चूहों को Pitt Go Vacc वैक्सीन दिया गया जिससे 2 हप्तों में पता चला कि सभी चूहे करोना वॉयरस कि चपेट में आये थे Pitt Go Vacc वैक्सीन ने इन करोना वॉयरस को एंटीबॉडी डेवलप किया|
  6. करोना वॉयरस से उत्पन होने वाला स्पाइक प्रोटीन जिससे यह दूसरे लोगों में फैलता है इस प्रोटीन को यह Pitt Go Vacc वैक्सीन रोक देगी|
  7. करोना वॉयरस के इस स्पाइक प्रोटीन के ब्लॉक होने से करोना का संक्रमण रुक जायेगा|
  8. इस टैस्ट के पहले चरण में कोई साइड इफेक्ट नहीं है|
  9. यह Pitt Go Vacc वैक्सीन बिना फ्रिज के कहीं भी लाई और भेजी जा सकती है|




अमेरिका के पीट्सबर्ग स्कूल ऑफ मेडिसन सेंटर में तैयार हुई यह वैक्सीन अब अगले 2 महीनों तक हर देश में भेजने के लिए तैयार हो जाएगी| वैज्ञानिकों का मानना है कि एक लैब में एक व्यक्ति एक दिन में 100 वैक्सीन तैयार कर सकता है और हमने काफी बड़ा स्टॉक इकठा भी कर लिया है| अभी तक यह वैक्सीन एक चिप की तरह है जिसे करोना वॉयरस से प्रभावित रोगी के शरीर पर चिपका दिया जाता है| जिससे यह वैक्सीन करोना वॉयरस के प्रोटीन को दूसरे वयक्तियों में फैलने से रोक देगी और लेकिन डॉक्टर अब इसका इंजेक्शन भी तैयार करने में जुटे हैं|

वैज्ञानिक एंड्रिया गैम्बोटटो जो कि एक प्रोफेसर भी हैं इन्होंने बताया कि हम इस करोना वॉयरस जैसी महामारी के खिलाफ 2003 से ही काम कर रहे है जब दुनियाँ में सार्स महामारी और मर्स जैसी महामारी फैली थी इस साल जनवरी में करोना वॉयरस नामक जैनेटिक ने जन्म लिया| इस करोना नामक वॉयरस की वैक्सीन को हमने पिछली रिसर्च के आधार पर आगे रिसर्च किया और हमें करोना वॉयरस के स्पाइक प्रोटीन को पहचानने में सफलता मिली|

खुशखबरी इस बात की है कि करोना वॉयरस से पीड़ित ह्युमन के ऊपर यह ट्रायल किया गया जिससे इस वैक्सीन को लेने के बाद रिस्क ना के बराबर है| और अब यह वैक्सीन मार्केट में 1 से 2 महीनों में आने वाली है|

वैज्ञानिकों का मानना है कि हर 8 साल में यह वॉयरस रूप बदलता है 2002 से लेकर 2004 तक जब सार्स नमक बीमारी का आगमन हुआ था तभी वैज्ञानिकों का मानना था कि आने वाले समय में यह वॉयरस और भयंकर रूप लेगा जो कि आज करोना नाम से उजागर हुआ है और इस वॉयरस ने सारी दुनियाँ को अपनी चपेट में ले लिया है| वैज्ञानिकों को सार्स और मर्स जैसी बीमारी के लक्षणों से यह मदद मिली है|

दोस्तों यहाँ निचे इस न्यूज वीडियो में आप देख सकते हैं|

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20 COMMENTS

  1. आपकी बेवसाइट पर कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के बारे में नई व रोचक जानकारी दी गई.

  2. खबर के लिए धन्यवाद, यह एक नई उम्मीद होगी

    मेरी नई पोस्ट में कोरोना पर और अधिक अपडेट पाएं

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